३. दाहिने पैर को उठाकर बाये पैर के घुटने से उपर रखे
४. दोनों हाथों की हथेलियों को प्रार्थना की मुद्रा में जोड़कर छाती के पास रखे
५. अब दोनों जुड़ी हथेलियों को सिर से उपर उठाले
६. सामने एक बिंदु पर नज़र स्थिर करे और यह स्थिति बनाए रखे
७. धीरे धीरे १ से २ मिनट तक यह स्थिति बनाए रखने का प्रय़ास करे
८. दूसरे पैर से दोहराए
९. दिन में २ बार, सुबह और शाम करे
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| एकपदासन |
सावधानी:
पीठ दर्द, अर्थराईटिस या टखने की चोट है तो नहीं करे
हार्ट पेशंट भी न करे
आसन करने से होने वाले लाभ :
१. पैर और कमर के स्नायू मज़बूत होते हैं
२. हाथ और कंधे फ्लेक्सिबल होते हैं
३. कमर के स्नायू मज़बूत होते हैं
४. एकाग्रता बढ़ती हैं
पीठ दर्द, अर्थराईटिस या टखने की चोट है तो नहीं करे
हार्ट पेशंट भी न करे
आसन करने से होने वाले लाभ :
१. पैर और कमर के स्नायू मज़बूत होते हैं
२. हाथ और कंधे फ्लेक्सिबल होते हैं
३. कमर के स्नायू मज़बूत होते हैं
४. एकाग्रता बढ़ती हैं

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